पूजा विधियोगिनी एकादशी पर पीपल के पेड़ की पूजा का क्या महत्व है?इस एकादशी पर पीपल के पेड़ को जल चढ़ाने और उसकी 7 परिक्रमा करने से सभी बड़े पाप और 'पितृ दोष' खत्म हो जाते हैं।#पीपल पूजा#पितृ दोष#पाप नाश
दार्शनिक आधारपितृ पक्ष में कौए (काक बलि) और पीपल की पूजा का क्या महत्व है?कौआ यमराज का दूत और वाहन माना जाता है, इसलिए उसे भोजन देने से वह पितरों तक पहुँचता है। पीपल के पेड़ में विष्णु जी और पितरों का वास होता है, इसलिए इसकी पूजा से पितर तृप्त होते हैं।
पूजा विधिपीपल के पेड़ की पूजा कैसे करें?पीपल पूजा: शनिवार सर्वोत्तम। विधि: स्नान → जड़ में जल → रोली-अक्षत → कलावा बाँधें → सरसों तेल दीपक → 7+ परिक्रमा → 'मूले ब्रह्मा त्वचा विष्णुः...' मंत्र → प्रणाम। त्रिमूर्ति वास (जड़-ब्रह्मा, तना-विष्णु, शाखा-शिव)। बुधवार-रविवार जल वर्जित। कभी न काटें।#पीपल#पीपल पूजा#अश्वत्थ