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विस्तृत उत्तर
योगिनी एकादशी पर पीपल के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाने और उसकी सात परिक्रमा (फेरे) करने से पितृ दोष शांत होता है और भयंकर पापों का नाश होता है। यहाँ तक कि जाने-अनजाने में पीपल का पेड़ काटने से लगने वाला महापाप भी इस एकादशी के प्रभाव से नष्ट हो जाता है।
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