दिव्यास्त्रइंद्र का वज्र कितना शक्तिशाली थावज्र में नारायण-शक्ति, दधीचि-तपस्या और इंद्र-प्रारब्ध तीन शक्तियाँ थीं। श्रीकृष्ण ने कहा — 'अस्त्रों में मैं वज्र हूँ।' जो वृत्रासुर किसी से नहीं हारा, वह वज्र से ही मारा गया।#वज्र शक्ति#इंद्र#बिजली
दिव्यास्त्रवज्र की क्या-क्या शक्तियाँ हैं?वज्र की शक्तियाँ हैं — अत्यधिक विनाशकारी बल, बिजली और गरज पर नियंत्रण, अभेद्य किलों और पहाड़ों को तोड़ना, और माया व भ्रम को नष्ट करना।#वज्र#शक्तियाँ#क्षमताएँ
दिव्यास्त्रवज्र के नाम के क्या अर्थ हैं?वज्र के दो अर्थ हैं — 'हीरा' और 'आकाशीय बिजली'। हीरा इसकी अविनाश्यता का और बिजली इसकी अदम्य शक्ति का प्रतीक है।#वज्र#नाम का अर्थ#हीरा
अर्धनारीश्वर स्तोत्रशिव की जटाएं किसके समान बताई गई हैं?स्तोत्र में शिव की जटाएं बिजली की चमक के समान ताम्रवर्णी बताई गई हैं, जबकि देवी के केश मेघ के समान श्याम और घने हैं।#शिव जटा#बिजली#ताम्रवर्ण