सरस्वती कवच और याज्ञवल्क्य स्तोत्र'या कुन्देन्दुतुषारहारधवला' श्लोक का क्या अर्थ है?
अर्थ: जो कुंद-चंद्र-तुषार-मोतियों जैसी श्वेत, शुभ्र वस्त्र धारण किए, हाथों में वीणा और वरमुद्रा, श्वेत कमलासना, ब्रह्मा-विष्णु-शिव द्वारा सदा पूजिता — वे भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें और संपूर्ण जड़ता-अज्ञान का नाश करें।
#या कुन्देन्दु#सरस्वती वंदना#जाड्यापहा