शिव पूजा विधिशिवलिंग पर भांग चढ़ाने का तांत्रिक महत्व क्या है?पौराणिक: समुद्र मंथन के बाद विष ताप शांत करने हेतु शिव को भांग अर्पित (शिव पुराण)। तांत्रिक: भांग = 'विजया' — मन के विकारों पर विजय का प्रतीक। चेतना का रूपांतरण — नकारात्मकता शिव को समर्पित। त्याज्य वस्तुओं का समर्पण = शिव की सर्वव्यापकता। सावन/शिवरात्रि पर विशेष फलदायी। भांग सेवन नहीं, समर्पण का अर्थ है।#भांग#विजया#शिवलिंग
लोकअतल लोक में हाटक रस क्या करता है?हाटक रस पीने से पुरुष उन्मत्त हो जाता है, दस हजार हाथियों का बल महसूस करता है और मृत्यु-विनाश को भूल जाता है।#हाटक रस
उत्तर-पूजनशिव पूजा में क्या-क्या भोग लगाते हैं?शिव को भोग: ऋतुफल, मिठाई, दूध की खीर, भांग का भोग। मुख शुद्धि: ताम्बूल (पान, लौंग, इलायची, सुपारी) — यश-कीर्ति देता है। शिव को प्रिय पुष्प: श्वेत पुष्प, मदार, कनेर, धतूरा।#शिव नैवेद्य#भांग#खीर
शिव पूजाशिवलिंग पर भांग और धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं या नहीं?हाँ, भांग-धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं — दोनों शिव प्रिय। भांग = शिव नैवेद्य, धतूरा = समुद्र मंथन उत्पन्न। सावन/शिवरात्रि विशेष। सावधानी: दोनों विषैले — स्वयं सेवन न करें, केवल अर्पित करें। धतूरा प्रसाद कदापि न खाएँ।#भांग#धतूरा#शिवलिंग
पूजा सामग्रीशिव जी को कौन सा भोग पसंद है?शिव को प्रिय भोग: पंचामृत (सर्वोत्तम), भांग-ठंडाई, बेर, नारियल, सफेद मिठाई, खीर। भांग शिव पुराण में शिव का प्रिय बताई गई है। शिव 'भोलेनाथ' हैं — बेलपत्र और जल ही पर्याप्त है; भाव सर्वोपरि है।#शिव भोग#नैवेद्य#पंचामृत