महाभारतभीष्म पितामह की मृत्यु क्यों नहीं हुई बाणों पर?भीष्म पितामह को उनके पिता शांतनु से इच्छामृत्यु का वरदान था इसलिए बाणों की शैया पर 58 दिन पड़े रहने पर भी वे जीवित रहे। वे उत्तरायण की प्रतीक्षा में थे क्योंकि शास्त्रों में उत्तरायण में मृत्यु को मोक्षदायी माना जाता है। मकर संक्रांति पर उन्होंने स्वेच्छा से प्राण त्यागे।#भीष्म पितामह#इच्छामृत्यु#बाणों की शैया
महाभारतधृतराष्ट्र का विवाह गांधारी से क्यों हुआ?भीष्म पितामह ने कुरु वंश के लिए धृतराष्ट्र का विवाह गांधार राजकुमारी गांधारी से कराया। गांधारी को पहले नहीं बताया गया था कि धृतराष्ट्र अंधे हैं। जब पता चला तो उन्होंने पतिव्रत-धर्म में आँखों पर पट्टी बाँध ली।
लोकभीष्म पितामह की मृत्यु के समय भुवर्लोक के निवासियों ने क्या किया?भीष्म पितामह के देह त्याग के समय भुवर्लोक के सिद्ध, चारण और विद्याधर वहाँ एकत्रित हुए और अंतरिक्ष से पुष्पों की भारी वर्षा की।#भीष्म पितामह#भुवर्लोक#सिद्ध