भक्ति एवं आध्यात्मशिव जी की कृपा प्राप्त होने पर क्या संकेत मिलते हैंशिव-कृपा के संकेत — ध्यान में डमरू-ध्वनि या शिव-दर्शन, मन में गहरी शांति, जीवन में अकारण बाधाओं का दूर होना, अनपेक्षित स्थान पर त्रिशूल दिखना, और स्वतः 'ॐ नमः शिवाय' में मन लगना। शिव की कृपा चुपचाप आती है।#शिव कृपा#शिव संकेत#महादेव कृपा
शिव नाम महिमाशिव को भोलेनाथ क्यों कहते हैंभोलेनाथ = सरल, निष्कपट और सहजता से प्रसन्न होने वाले प्रभु। एक लोटा जल और बेलपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं। रावण-भस्मासुर जैसे असुरों को भी वरदान दिया। यही उनकी भोली प्रकृति है।#भोलेनाथ#आशुतोष#शिव सरलता
शिव दर्शनशिव को भोलेनाथ क्यों कहते हैं — इसका आध्यात्मिक अर्थ क्या है?भोला = सरल, निश्छल, शीघ्र प्रसन्न (आशुतोष)। एक लोटा जल = प्रसन्न। जाति-पद नहीं देखते। भस्मासुर/रावण को भी वरदान — करुणा। श्मशानवासी फिर भी शांत = अनासक्ति। गहन: अहंकार शून्य = परम ज्ञानी = भोलेनाथ।#भोलेनाथ#अर्थ#आध्यात्मिक
शिव महिमाशिव जी शरीर पर भस्म क्यों लगाते हैं?शिव जी भस्म इसलिए लगाते हैं क्योंकि वे मृत्यु के स्वामी हैं और भस्म शरीर की नश्वरता का बोध कराती है। एक कथा के अनुसार सती के भस्म होने के बाद उन्होंने उसे अपने शरीर पर लगाया। भस्म पाप-नाशक, वैराग्य की प्रतीक और उनका श्रृंगार भी है।#शिव भस्म#चिताभस्म#भोलेनाथ