हिंदू पंचांगपुरुषोत्तम मास कब आता है और क्यों?पुरुषोत्तम मास लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है — जब चंद्र और सौर वर्ष के अंतर की भरपाई के लिए एक अतिरिक्त माह जोड़ा जाता है। जिस माह सूर्य संक्रांति न हो, वह अधिकमास है। पौराणिक कथा के अनुसार स्वयं श्रीकृष्ण ने इसे अपना नाम देकर श्रेष्ठ बनाया।#पुरुषोत्तम मास#अधिकमास#मलमास
व्रत एवं त्योहारअधिकमास में पूजा का क्या महत्व है?अधिकमास में पूजा-जप-दान का फल दस गुना मिलता है क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण इस मास के अधिपति हैं। विष्णु-कृष्ण पूजा, दीपदान, भागवत पाठ और तीर्थ यात्रा विशेष रूप से फलदायी हैं। मांगलिक कार्य वर्जित हैं लेकिन साधना के लिए यह मास सर्वश्रेष्ठ है।
पंचांग एवं कैलेंडरखरमास क्या है इसमें कौन से काम वर्जितखरमास = सूर्य धनु/मीन राशि (~दिसंबर-जनवरी + मार्च-अप्रैल)। गुरु कमजोर → शुभ कार्य वर्जित (विवाह/गृह प्रवेश)। पूजा/दान/दैनिक = अनुमत। अधिक मास से भिन्न।#खरमास#मलमास#वर्जित