लोकप्रतिपदा मातृकुल के लिए खास क्यों है?प्रतिपदा नाना-नानी के श्राद्ध के लिए विशेष मानी गई है।#प्रतिपदा#मातृकुल#नाना नानी
मातामह श्राद्धमातामह श्राद्ध क्या है?मातामह श्राद्ध = नाना-नानी (माता के माता-पिता) का श्राद्ध, जो दौहित्र (पुत्री का पुत्र = नाती) द्वारा किया जाता है। इसे 'दौहित्र श्राद्ध' भी कहते हैं। पितृ पक्ष की प्रतिपदा तिथि इसके लिए सर्वोत्कृष्ट है। यह मातृकुल के प्रति कृतज्ञता का शास्त्रीय विधान है।#मातामह श्राद्ध#नाना-नानी#दौहित्र
लोक7 पीढ़ी पितृ तर्पण में पितृकुल और मातृकुल कैसे जुड़े हैं?पितृकुल में सात और मातृकुल में पाँच पीढ़ी की सपिण्डता मानी जाती है, और दोनों के तत्त्व वंश में जुड़े रहते हैं।#पितृकुल#मातृकुल#7 पीढ़ी
लोकमातृकुल में 5 पीढ़ी तक सपिण्डता क्यों मानी जाती है?धर्मशास्त्रों में मातृकुल की सपिण्डता पाँच पीढ़ियों तक मानी गई है।#मातृकुल#5 पीढ़ी#सपिण्डता