हवन कुंड और पञ्चभूसंस्कारउद्धरण में मिट्टी कहाँ फेंकते हैं?उद्धरण = मृगी मुद्रा (अंगूठा+अनामिका) से तीनों रेखाओं से थोड़ी-थोड़ी मिट्टी चुटकी में उठाएं → बाएं हाथ में रखें → दाहिने हाथ से ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में फेंकें। यह नकारात्मक ऊर्जा को यज्ञ क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रतीक है।#उद्धरण#मिट्टी ईशान कोण#नकारात्मक ऊर्जा
नियम और पात्रतामृगी मुद्रा क्या है?मृगी मुद्रा = अंगूठा + मध्यमा + अनामिका से आहुति देना। शांतिकर्मों और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वाधिक शुभ और उपयुक्त।
नियम और पात्रताहवन में कौन सी हस्त मुद्रा सही है?हवन की तीन मुद्राएं: मृगी मुद्रा (अंगूठा+मध्यमा+अनामिका) = शांतिकर्म और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वश्रेष्ठ। हंसी मुद्रा (कनिष्ठा छोड़कर) = पौष्टिक कर्म। सूकरी मुद्रा = तांत्रिक प्रयोग, सामान्य हवन में वर्जित।#हवन मुद्रा#मृगी मुद्रा#हंसी मुद्रा