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मृगी मुद्रा से जुड़े सभी प्रश्न(3)

मृगी मुद्रा पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

हवन कुंड और पञ्चभूसंस्कार

उद्धरण में मिट्टी कहाँ फेंकते हैं?

उद्धरण = मृगी मुद्रा (अंगूठा+अनामिका) से तीनों रेखाओं से थोड़ी-थोड़ी मिट्टी चुटकी में उठाएं → बाएं हाथ में रखें → दाहिने हाथ से ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में फेंकें। यह नकारात्मक ऊर्जा को यज्ञ क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रतीक है।

#उद्धरण#मिट्टी ईशान कोण#नकारात्मक ऊर्जा
नियम और पात्रता

मृगी मुद्रा क्या है?

मृगी मुद्रा = अंगूठा + मध्यमा + अनामिका से आहुति देना। शांतिकर्मों और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वाधिक शुभ और उपयुक्त।

#मृगी मुद्रा#अंगूठा मध्यमा अनामिका#शांतिकर्म
नियम और पात्रता

हवन में कौन सी हस्त मुद्रा सही है?

हवन की तीन मुद्राएं: मृगी मुद्रा (अंगूठा+मध्यमा+अनामिका) = शांतिकर्म और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वश्रेष्ठ। हंसी मुद्रा (कनिष्ठा छोड़कर) = पौष्टिक कर्म। सूकरी मुद्रा = तांत्रिक प्रयोग, सामान्य हवन में वर्जित।

#हवन मुद्रा#मृगी मुद्रा#हंसी मुद्रा
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