पाँच शिव मंत्रवामदेव मंत्र क्या है?वामदेव मंत्र सामवेद से उत्पन्न, रक्तवर्ण, तेरह कलाओं से युक्त और छाछठ अक्षरों वाला बताया गया है।#वामदेव मंत्र#सामवेद#रक्तवर्ण
वामदेव कुमारवामदेव से उत्पन्न चार कुमार कैसे थे?वे विशुद्ध आत्मा, ब्रह्मतेज से सम्पन्न, ब्रह्मनिष्ठ, ब्रह्मातुल्य, वीर, अध्यवसायी और रक्तवर्ण वस्त्र-माला से विभूषित थे।#चार कुमार#विरजा#विबाहु
वामदेव रूपवामदेव शिव का लाल रूप कैसा बताया गया है?वामदेव शिव लाल कुमार के रूप में बताए गए हैं, जिनके भूषण, माला, वस्त्र और नेत्र रक्तवर्ण के थे।#वामदेव#लाल रूप#रक्तवर्ण
परिचय और स्वरूपमाँ त्रिपुर भैरवी का स्वरूप कैसा है?त्रिपुर भैरवी स्वरूप: सहस्र सूर्यों जैसी कांति, रक्तवर्ण रेशमी वस्त्र, मुण्डमाला, रक्त-लिप्त पयोधर। हाथों में जपमाला-विद्या-अभय-वर मुद्रा। तीन नेत्र, कमलवत मुख, चंद्रकला+रत्न मुकुट, मंद मुस्कान। 4 भुजाएँ।#त्रिपुर भैरवी स्वरूप#तीन नेत्र#मुण्डमाला