काशी के शिवलिंगशिवगण-स्थापित लिंग क्या होता है — इसकी विशेषता क्या है?शिवगण शिव की ऊर्जा के विस्तारित स्वरूप हैं। उनके स्थापित लिंग में उस गण की विशिष्ट शक्ति समाहित होती है (जैसे घंटाकर्णेश्वर में नाद-शक्ति)। गण आज भी सूक्ष्म रूप में काशी में विद्यमान और लिंग की उपासनारत हैं।#शिवगण#शिवलिंग#शिव ऊर्जा
तीर्थ एवं मंदिरघंटाकर्ण और बद्रीनाथ धाम का संबंध — माणा गाँव के रक्षक देवताश्रीकृष्ण ने बदरिकाश्रम में घंटाकर्ण को मोक्ष दिया। आज भी माणा गाँव (बद्रीनाथ) में वे रक्षक देवता — क्षेत्रपाल — के रूप में पूजित हैं। गढ़वाल के अनेक गाँवों में उनके मंदिर हैं।#घंटाकर्ण#बद्रीनाथ#माणा गाँव