प्राण प्रतिष्ठा और स्थापनापारद शिवलिंग को 'स्वयं-सिद्ध' क्यों कहते हैं?पारद शिवलिंग को 'स्वयं-सिद्ध' इसलिए कहते हैं क्योंकि पारद भगवान शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है — यह 'जीवंत धातु' स्वाभाविक रूप से दिव्य शक्ति से युक्त है।#स्वयं सिद्ध#प्राण प्रतिष्ठा#पूर्ण संस्कारित
शास्त्रीय प्रमाण और फलश्रुतिवायवीय संहिता में पारद शिवलिंग के बारे में क्या कहा गया है?वायवीय संहिता के अनुसार आयु, आरोग्य, ऐश्वर्य और अन्य सभी अभिलाषाएं रसलिंग (पारद शिवलिंग) के पूजन से सहज ही प्राप्त हो जाती हैं।#वायवीय संहिता
पारद शिवलिंग परिचय और माहात्म्यपारद शिवलिंग को 'रसलिंग' क्यों कहते हैं?पारद शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है — इसीलिए पारद से निर्मित शिवलिंग को 'जीवंत धातु' या 'रसलिंग' कहते हैं।#रसलिंग#जीवंत धातु#पारद
पारद शिवलिंग परिचय और माहात्म्यपारद शिवलिंग क्या है?पारद (पारा) को साक्षात् शिव का स्वरूप, 'रसराज' और भगवान शिव का 'वीर्य' (जीव-तत्व) माना गया है — इससे निर्मित शिवलिंग 'रसलिंग' कहलाता है जो सभी शिवलिंगों से श्रेष्ठ है।#पारद शिवलिंग#रसलिंग#शिव स्वरूप