व्रत कथाशनिवार व्रत में राजा विक्रमादित्य और पिप्पलाद मुनि की कथा क्या है?विक्रमादित्य को शनि का अपमान करने पर अपना राज्य और हाथ-पैर गंवाने पड़े थे। पिप्पलाद मुनि ने अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए शनि को तपोबल से दंडित किया था।#राजा विक्रमादित्य#पिप्पलाद मुनि#कथा
व्रत कथाशनिवार काली व्रत की कथा क्या है?यह राजा विक्रमादित्य की कथा है, जिन्हें शनिदेव के प्रकोप से अपना राज्य और हाथ-पैर गंवाने पड़े थे। अंत में माता काली की पूजा से ही उन्हें शनि के प्रकोप से मुक्ति मिली थी।#राजा विक्रमादित्य
व्रत कथाशनिवार व्रत की कथा क्या है?कथा राजा विक्रमादित्य की है, जिन्होंने अहंकार में शनि देव का अपमान किया था जिससे उनका राज्य छिन गया। बाद में भूल मानकर व्रत करने से शनि देव ने उन्हें वापस सब कुछ लौटा दिया।#व्रत कथा#राजा विक्रमादित्य#शनि का प्रकोप