वैदिक कर्मकांडआधुनिक युग में वैदिक कर्मकांड कैसे प्रासंगिक हैं?
प्रासंगिकता: मानसिक स्वास्थ्य (ध्यान/जप=meditation, WHO अनुशंसित), पर्यावरण (हवन=वायु शुद्धि, गोसेवा), सामाजिक (16 संस्कार), नैतिकता (सत्य-अहिंसा-दान), वैज्ञानिक (योग-आयुर्वेद=विश्व स्वीकृत)। अनुकूलन: सार ग्रहण, 10 मिनट पर्याप्त।
#आधुनिक#प्रासंगिकता#वैदिक