विस्तृत उत्तर
गंगाजल सालों तक खराब नहीं होता — वैज्ञानिक कारण
- 1बैक्टीरियोफेज: गंगाजल में 'बैक्टीरियोफेज' नामक वायरस पाए गए जो हानिकारक बैक्टीरिया को खाते/नष्ट करते हैं — पानी शुद्ध रहता है।
- 2सल्फर (गंधक): गंगाजल में सल्फर की प्रचुर मात्रा → बैक्टीरिया नहीं पनपते।
- 3Dr. Hankin (1896): गंगाजल में कॉलेरा बैक्टीरिया कुछ घंटों में मर गए — अन्य नदी जल में जीवित रहे।
- 4Dr. Hamilton (McGill University, Canada): गंगाजल की शक्ति स्वीकारी — *'नहीं जानते ये गुण कहाँ से आए।'*
- 5C.E. Nelson (UK): गंगाजल में सड़ने वाले जीवाणु नहीं पाए।
- 6हिमालय खनिज: गंगा हिमालय से आती है — विशेष खनिज (Minerals) + जड़ी-बूटी अंश।
सीमा: ये शोध पुराने (1896-20वीं सदी)। आधुनिक गंगा = प्रदूषित (सीवेज+औद्योगिक)। मूल गंगोत्री जल = अभी भी विशेष गुणवत्ता।
सार: गंगाजल विशेष = वैज्ञानिक सत्य। पर आधुनिक प्रदूषण = गंगा शुद्धि अभियान जरूरी।





