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विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण और बृहन्नारदीय पुराण के अनुसार जिन पूर्वजों की मृत्यु अकाल मृत्यु, दुर्घटना, विष या आत्महत्या से हुई हो, उनकी मुक्ति के लिए काले तिल मिश्रित गंगाजल का तर्पण विशेष आवश्यक माना गया है। काले तिल पितृप्रिय और अशुभ शक्तियों को दूर करने वाले हैं, जबकि गंगाजल पवित्रता और मोक्षदायिनी शक्ति का प्रतीक है। इन दोनों का संयुक्त तर्पण ऐसी आत्माओं को शांति और मुक्ति देने वाला माना गया है।
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