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माला शुद्धि📜 शिव पुराण — रुद्राक्ष शुद्धि, मंत्र महोदधि — माला संस्कार, तंत्र शास्त्र2 मिनट पठन

जप माला को कैसे शुद्ध करें?

संक्षिप्त उत्तर

माला शुद्धि: पंचामृत स्नान → गंगाजल → धूप-दीप → मंत्र (108 बार) → सूर्य दर्शन → इष्ट देव को अर्पण। नियमित: अमावस्या/पूर्णिमा को गंगाजल। रुद्राक्ष: तिल तेल से पोंछें। सरल: गंगाजल + ॐ उच्चारण।

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विस्तृत उत्तर

जप माला की शुद्धि का वर्णन शिव पुराण और मंत्र महोदधि में मिलता है:

नई माला की शुद्धि

1पंचामृत स्नान

दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से माला धोएं।

2गंगाजल से स्नान

पंचामृत के बाद गंगाजल से स्नान।

3धूप-दीप

माला को धूप और दीप दिखाएं।

4मंत्र शुद्धि

ॐ पुनातु माम् यशस्विनी, माला मे शुभदा भव।' — माला पर यह मंत्र पढ़ते हुए 108 बार जप करें।

5सूर्य दर्शन

शुद्ध माला को प्रातः सूर्य को दिखाएं।

6इष्ट देव को अर्पण

पूजा स्थान पर माला रखें — इष्ट देव को अर्पित करें — फिर प्रारंभ करें।

नियमित शुद्धि

  • प्रत्येक अमावस्या या पूर्णिमा को — गंगाजल से
  • किसी अशुद्ध वस्तु का स्पर्श हो जाए — तुरंत गंगाजल से

रुद्राक्ष माला विशेष

शिव पुराण: रुद्राक्ष माला को तिल तेल से पोंछें — यह रुद्राक्ष के छिद्र शुद्ध करता है।

सरल शुद्धि

यदि पूर्ण विधि न हो — गंगाजल का छिड़काव और 'ॐ' का उच्चारण।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण — रुद्राक्ष शुद्धि, मंत्र महोदधि — माला संस्कार, तंत्र शास्त्र
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