विस्तृत उत्तर
जप माला की शुद्धि का वर्णन शिव पुराण और मंत्र महोदधि में मिलता है:
नई माला की शुद्धि
1पंचामृत स्नान
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से माला धोएं।
2गंगाजल से स्नान
पंचामृत के बाद गंगाजल से स्नान।
3धूप-दीप
माला को धूप और दीप दिखाएं।
4मंत्र शुद्धि
ॐ पुनातु माम् यशस्विनी, माला मे शुभदा भव।' — माला पर यह मंत्र पढ़ते हुए 108 बार जप करें।
5सूर्य दर्शन
शुद्ध माला को प्रातः सूर्य को दिखाएं।
6इष्ट देव को अर्पण
पूजा स्थान पर माला रखें — इष्ट देव को अर्पित करें — फिर प्रारंभ करें।
नियमित शुद्धि
- ▸प्रत्येक अमावस्या या पूर्णिमा को — गंगाजल से
- ▸किसी अशुद्ध वस्तु का स्पर्श हो जाए — तुरंत गंगाजल से
रुद्राक्ष माला विशेष
शिव पुराण: रुद्राक्ष माला को तिल तेल से पोंछें — यह रुद्राक्ष के छिद्र शुद्ध करता है।
सरल शुद्धि
यदि पूर्ण विधि न हो — गंगाजल का छिड़काव और 'ॐ' का उच्चारण।





