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विस्तृत उत्तर
सर्वप्रथम, रत्न को पंचामृत (कच्चा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) और फिर गंगाजल से स्नान कराया जाता है।
यह प्रक्रिया रत्न पर खनन, घिसाई और विभिन्न हाथों से गुजरने के दौरान आई नकारात्मक ऊर्जाओं को समाप्त करने के लिए आवश्यक है।
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