विस्तृत उत्तर
विदेश में श्राद्ध = पूर्णतः संभव। गंगाजल न हो = विकल्प:
विधि: दक्षिण दिशा मुख → काले तिल + जौ + शुद्ध जल (नल/बोतल) मिलाएँ → पितरों का नाम+गोत्र बोलें → *'ॐ पितृभ्यो नमः'* → तिल-जल भूमि/पौधे पर छोड़ें। ब्राह्मण भोजन = किसी जरूरतमंद को भोजन।
गंगाजल विकल्प: किसी भी शुद्ध जल में तुलसी पत्ता + 'गंगे च यमुने चैव...' मंत्र बोलें = सभी नदियों का आह्वान = जल पवित्र। ऑनलाइन गंगाजल मंगवा सकते (Indian stores/Amazon)।
ब्राह्मण न मिले: स्वयं पितरों को भोजन अर्पित (थाली) → कौवे को रोटी → गरीब को भोजन = पर्याप्त।

