शिव पूजा विधिशिव पुराण में शिव पूजा के कितने प्रकार बताए गए हैं?शिव पुराण में एक निश्चित संख्या नहीं — विभिन्न स्तर: जलाभिषेक (सरलतम), पंचामृत, रुद्राभिषेक (रुद्री→लघुरुद्र→महारुद्र→अतिरुद्र), षोडशोपचार (16 उपचार), पंचोपचार (5), बिल्वार्चन, सवालाक्ष बिल्व, लिंगार्चन, मानसपूजा।#शिव पुराण#पूजा प्रकार#विद्येश्वर संहिता
शिवलिंग प्रकारशिवलिंग की ऊंचाई और चौड़ाई का शास्त्रीय अनुपात क्या है?शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता): ऊंचाई:चौड़ाई = 2:1 (दोगुनी ऊंचाई)। मंदिर: यजमान के 12 अंगुल ऊंचाई उत्तम। तीन भाग: ब्रह्म (चौकोर, गड़ा), विष्णु (अष्टकोणीय, पीठिका), रुद्र (गोलाकार, पूजित)। घर: 2-4 इंच ऊंचाई, 1-2 इंच व्यास आदर्श।
शिव पुराण परिचयविद्येश्वर संहिता में क्या वर्णित हैविद्येश्वर संहिता (10,000 श्लोक) में शिवलिंग पूजा, शिवरात्रि व्रत, पंचकृत्य (सृष्टि-स्थिति-संहार-तिरोभाव-अनुग्रह), ओंकार महिमा, रुद्राक्ष-भस्म का महत्व और दान का वर्णन है।#विद्येश्वर संहिता#शिव पुराण#शिवलिंग पूजा