शिव दर्शनशिव ने विष क्यों पिया और इसका आध्यात्मिक संदेश क्या है?सृष्टि रक्षा — कोई तैयार नहीं, शिव ने पिया। संदेश: परोपकार (दूसरों का दुःख स्वयं लिया), त्याग (अमृत दूसरों को), नकारात्मकता रोकें-फैलाएं नहीं, शिव+शक्ति = पूर्ण (पार्वती ने कंठ दबाया)। ज्ञान में स्थित = दुःख नष्ट नहीं करता।#हलाहल#विष#नीलकंठ
दिव्यास्त्रनागपाश किस प्रकार का अस्त्र था?नागपाश एक बंधनकारी अस्त्र था जो शत्रु को सर्पों की रस्सियों से जकड़ लेता था और उसका हिलना-डुलना असंभव कर देता था।#नागपाश#बंधनकारी#जकड़ना
लोकसमुद्र मंथन में सबसे पहले क्या निकला?समुद्र मंथन में सबसे पहले हलाहल विष निकला था।#हलाहल#समुद्र मंथन प्रथम#विष
स्तोत्र में ज्वर और रोग निवारणनीलकंठ स्तोत्र से कौन कौन से रोग ठीक होते हैं?नीलकंठ स्तोत्र से शारीरिक ज्वर (वात, पित्त, कफ), चक्रीय ज्वर (एकाहिक से पंचाहिक), आध्यात्मिक ज्वर (भूत, प्रेत, ब्रह्म ज्वर) और सर्व विष का नाश होता है।#रोग निवारण#ज्वर#विष
नीलकंठ स्वरूप और कालकूट विषपानशिव के कंठ का रंग नीला कैसे हुआ?विषपान के समय देवी पार्वती ने शिव का कंठ दबा दिया जिससे विष कंठ में रुक गया और उसके प्रभाव से कंठ का रंग नीला हो गया।#नीला कंठ#पार्वती#विष