विस्तृत उत्तर
नागपाश एक बंधनकारी अस्त्र था। इसका लक्ष्य शत्रु का वध करना नहीं, बल्कि उसे जीवित पकड़ना, असहाय बनाना या युद्ध से विरक्त करना था। यह अस्त्र चलते ही सर्पों की रस्सियों का रूप ले लेता था और शत्रु को पूरी तरह से जकड़ लेता था, जिससे उसका हिलना-डुलना भी असंभव हो जाता था। कुछ स्रोतों के अनुसार यह एक प्रकार का रासायनिक अस्त्र भी था जो शत्रु के शरीर में धीरे-धीरे विष पहुंचाकर उसे मूर्छित कर देता था। यह अस्त्र इतना शक्तिशाली था कि इससे छूटना लगभग असंभव माना जाता था।
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