परिचय और स्वरूपमहामाया को 'योगनिद्रा' और 'जगद्धात्री' क्यों कहते हैं?देवी महात्म्य: भगवान विष्णु को योगनिद्रा में सुलाने वाली शक्ति = महामाया। ओरिसा लोक-परंपरा: महामाया = विष्णु की योगनिद्रा शक्ति। इसलिए: 'योगनिद्रा' (विष्णु को सुलाने वाली) + 'जगद्धात्री' (संसार को धारण करने वाली)।#योगनिद्रा#जगद्धात्री#विष्णु निद्रा
व्रत विधिदेवशयनी एकादशी से देवउठनी तक शुभ कार्य क्यों नहीं करते?चातुर्मास: विष्णु निद्रा (दैवी कृपा अनुपलब्ध), वर्षा ऋतु (यात्रा कठिन), तप-साधना काल, जीव रक्षा (अहिंसा)। वर्जित: विवाह, मुण्डन, गृह प्रवेश। अनुमत: पूजा, व्रत, दान। देवउठनी = मुक्ति → विवाह आरम्भ।
व्रत विधिहरिशयनी एकादशी पर विष्णु पूजा कैसे करें?हरिशयनी एकादशी: आषाढ़ शुक्ल एकादशी। विष्णु योगनिद्रा आरम्भ, चातुर्मास प्रारम्भ (4 माह शुभ कार्य वर्जित)। विधि: विष्णु शयन सज्जा → षोडशोपचार → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 1008 जप → चातुर्मास संकल्प → दान। प्रबोधिनी तक विष्णु सोते हैं।#हरिशयनी एकादशी#देवशयनी#चातुर्मास