व्रत एवं त्योहाररामनवमी पर व्रत कैसे रखें?रामनवमी व्रत में प्रातः स्नान, सूर्य को अर्घ्य, संकल्प और दोपहर को श्रीराम की विशेष पूजा करें। अन्न का त्याग कर फलाहार करें। रामरक्षास्तोत्र और रामचरितमानस का पाठ करें।#रामनवमी#व्रत विधि#चैत्र नवमी
व्रत एवं त्योहारअहोई अष्टमी व्रत की विधिअहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण अष्टमी को माताएं संतान की दीर्घायु के लिए रखती हैं। दीवार पर सेही का चित्र बनाएं, सायंकाल पूजा करें, कथा सुनें और तारे उगने पर अर्घ्य देकर व्रत खोलें।#अहोई अष्टमी#व्रत विधि#संतान व्रत
व्रत एवं त्योहारगणेश चतुर्थी व्रत की विधिगणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है। मूर्ति स्थापना, पंचामृत स्नान, दूर्वा, मोदक, लाल फूल, धूप-दीप, कथा और आरती मुख्य अंग हैं। इस दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित है।#गणेश चतुर्थी#विनायक चतुर्थी#गणपति पूजा
व्रत एवं त्योहारहरियाली तीज व्रत कैसे करें?हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को होती है। सोलह श्रृंगार, हरे वस्त्र, प्रदोष काल में गणेश-शिव-पार्वती पूजा, कथा श्रवण, झूला और मेहंदी इसके मुख्य अंग हैं। निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करें।#हरियाली तीज#श्रावणी तीज#सावन तीज
व्रत एवं उपवासनिर्जला एकादशी व्रत की विधिनिर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है। इसमें पूरे दिन जल और अन्न दोनों त्यागे जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पीले वस्त्र, विष्णु पूजा, तुलसी, जल दान और रात्रि जागरण इसके मुख्य अंग हैं। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।#निर्जला एकादशी#भीमसेनी एकादशी#ज्येष्ठ एकादशी