शिव तत्त्व परिचयभगवान शिव कौन हैं?भगवान शिव परब्रह्म, शाश्वत सत्य और शुद्ध चेतना के सर्वोच्च प्रतीक हैं। वे सृष्टि के आदि कारण हैं — जिनसे जगत उत्पन्न होता है, पोषित होता है और प्रलयकाल में विलीन हो जाता है। वे सगुण और निर्गुण दोनों हैं।#भगवान शिव#परब्रह्म#शुद्ध चेतना
सरस्वती का स्वरूप और प्रतीकपुस्तक का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?पुस्तक = चारों वेदों और समस्त लौकिक (विज्ञान/कला) तथा पारलौकिक (आध्यात्मिक) विद्याओं का प्रतीक। संदेश: ज्ञान ही शाश्वत सत्य है और विद्या ही सबसे बड़ा धन है।
सनातन दर्शनसनातन धर्म क्या है?सनातन धर्म शाश्वत, अपौरुषेय (किसी एक के द्वारा नहीं बनाया) जीवन दर्शन है। इसकी विशेषताएं: वेद प्रामाण्य, 'एकं सद् विप्रा बहुधा वदंति' (सत्य एक — मार्ग अनेक), चार पुरुषार्थ (धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष), कर्म-पुनर्जन्म और 'वसुधैव कुटुम्बकम्'।#सनातन धर्म#हिंदू धर्म#धर्म परिभाषा