शिव भक्त कथाजलंधर कौन था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुईजलंधर की उत्पत्ति इंद्र के अपमान पर कुपित शिव के तेज से समुद्र में हुई। सिंधु-पुत्र होने से 'जलंधर' नाम पड़ा। शिव-तेज से उत्पन्न होने से देवताओं से शक्तिशाली था। दैत्यराज कालनेमी की पुत्री वृंदा से विवाह हुआ।#जलंधर#शिव तेज#समुद्र
कार्तिकेय कथाशिव का वीर्य जो अग्नि में पड़ा उससे कार्तिकेय का जन्म कैसे हुआ?शिव का दिव्य तेज अग्निदेव ने ग्रहण किया, फिर गंगा को सौंपा। गंगाजल में बहकर वह छह भागों में विभाजित होकर शरवण वन में छह शिशुओं के रूप में प्रकट हुआ। कृत्तिकाओं ने उन्हें दूध पिलाया और पार्वती ने छहों को एक करके षड्मुख कार्तिकेय को प्राप्त किया।
अवतार की कथाभगवान स्कंद (कार्तिकेय) का जन्म कैसे हुआ?कार्तिकेय जन्म: सामान्य तरीके से नहीं। भगवान शिव के तेज से → अग्निदेव और गंगाजी के माध्यम से → छह कृत्तिका नक्षत्रों (स्त्रियों) ने धारण किया → पार्वती ने छह बच्चों को एकाकार करके स्कंद को गोद में लिया।#कार्तिकेय जन्म#शिव तेज#अग्निदेव गंगा