विष्णु स्तुतिविष्णु ने शिव की स्तुति कैसे की?विष्णु ने शिव को अनेक नामों और रूपों से नमस्कार किया, जैसे प्रणवरूप रुद्र, महादेव, ईशान, लिंग, लिंगी, ओंकार और सर्वज्ञ।#विष्णु#शिव स्तुति#महेश्वर
शिव स्तुतिविष्णु ने शिव की स्तुति क्यों की?विष्णु ने वेद-वाक्य से शिव को जानकर, उमा-महेश्वर और पाँच मंत्रों का दर्शन पाकर वरदाता ईशान परमेश्वर की स्तुति की।#विष्णु#शिव स्तुति#महादेव
वामदेव स्तुतिवामदेवाय मंत्र का क्या महत्व बताया गया है?वामदेवाय मन्त्र को ब्रह्म कहा गया है और ब्रह्मा ने उसे पूर्व में लगाकर परम भक्ति से शिव की स्तुति की।#वामदेवाय मंत्र#वामदेव#शिव स्तुति
रामचरितमानस — बालकाण्ड'कुंद इंदु सम देह उमा रमन करुना अयन' — इसमें किसकी स्तुति है?यह भगवान शंकरजी (शिवजी) की स्तुति है। अर्थ — जिनका कुन्द और चन्द्रमा समान गौर शरीर है, जो पार्वतीजी के प्रियतम और दीनों पर दया करने वाले हैं, वे कामदेव को भस्म करने वाले शंकरजी मुझपर कृपा करें।#बालकाण्ड#शिव स्तुति#मंगलाचरण