लोकएकादशी श्राद्ध में कुतुप मुहूर्त क्या है?श्राद्ध का श्रेष्ठ पवित्र समय।#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध काल#एकादशी
लोकरौहिण मुहूर्त क्या है?कुतप के बाद का पवित्र श्राद्ध समय रौहिण मुहूर्त है।#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध काल#कुतप
लोकपितृ पक्ष क्या है?पितरों के श्राद्ध के लिए निर्धारित सोलह दिनों का काल पितृ पक्ष है।#पितृ पक्ष#महालय#श्राद्ध काल
पितृ पक्षपितृ पक्ष कितने दिनों का होता है?पितृ पक्ष 16 दिनों (सोलह दिन) का होता है। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आरंभ → आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक। प्रथम दिन = प्रतिपदा, अंतिम = सर्वपितृ अमावस्या।#पितृ पक्ष अवधि#16 दिन#सोलह दिन
पितृ पक्षमहालय पक्ष किसे कहते हैं?महालय = पितृ पक्ष का दूसरा नाम। दोनों समानार्थी। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक 16 दिनों की अवधि। प्रथम दिन = प्रतिपदा, अंतिम दिन = सर्वपितृ अमावस्या।#महालय#पितृ पक्ष#पर्याय
पितृ पक्षपितृ पक्ष क्या है?पितृ पक्ष = पितरों को समर्पित 16 दिवसीय अवधि। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक। 'महालय' भी कहते हैं। इस काल में पितर वायु रूप में दक्षिण दिशा से घर आते हैं और तर्पण-अन्न की प्रतीक्षा करते हैं।#पितृ पक्ष#महालय#श्राद्ध काल
व्रत का महत्वपितृ पक्ष क्या है और यह कब शुरू होता है?यह भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक के 16 दिन होते हैं। इन दिनों में पितर (पूर्वज) अपने वंशजों से तर्पण और भोजन ग्रहण करने धरती के करीब आते हैं।#पितृ पक्ष#महालय#श्राद्ध काल