शिव पर्वश्रावण मास में सोमवार व्रत कैसे रखें, विधि सहित?सूर्योदय पूर्व स्नान → संकल्प → जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती। निराहार/फलाहार (अन्न-नमक वर्जित)। ब्रह्मचर्य। संध्या पूजा + कथा। सभी सोमवार व्रत — अधूरा अशुभ।#श्रावण सोमवार#व्रत#विधि
जप का स्थान, समय, आसन और मालामहामृत्युंजय जप के लिए सर्वोत्तम समय कौन सा है?सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः ४:०० बजे के आसपास) — प्राणवायु-ओजोन सर्वाधिक, ब्रह्मांडीय चेतना ग्रहणशील। प्रदोष काल भी उत्तम। सवा लाख अनुष्ठान: सोमवार, श्रावण या कार्तिक मास से आरंभ शुभ।
शिव पर्वश्रावण सोमवार व्रत की पूजा विधि और नियम क्या हैं?व्रत: सूर्योदय-सूर्यास्त, निराहार/फलाहार, ब्रह्मचर्य। पूजा: जलाभिषेक → पंचामृत → चंदन → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती → कथा। सभी सोमवार व्रत रखें — अधूरा अशुभ। 16 सोमवार व्रत भी विकल्प।#श्रावण सोमवार#व्रत#विधि