नवदुर्गामहागौरी माता की पूजा से सौभाग्य कैसे बढ़ता है?गौरी = पार्वती (शिव तपस्या) = सौभाग्य देवी। श्वेत = शुद्धता → पाप नाश → सौभाग्य। दाम्पत्य सुख, मनचाहा वर। दिन 8, भोग: नारियल, रंग: गुलाबी। 'ॐ देवी महागौर्यै नमः'।#महागौरी#सौभाग्य#आठवीं
शिष्य परम्पराश्वेत, श्वेतशिखण्डी, श्वेताश्व और श्वेतलोहित कौन थे?ये योगाचार्यों के शिष्यों की नामावली के प्रारम्भ में बताए गए धर्मात्मा और महान् ओजस्वी शिष्य थे।#श्वेत#श्वेतशिखण्डी#श्वेताश्व
योगावतारअट्ठाईस योगाचार्य अवतार कौन-कौन हैं?अट्ठाईस योगाचार्य अवतार श्वेत से नकुलीश तक बताए गए हैं।#अट्ठाईस योगाचार्य#योगावतार#श्वेत
योगावतारवैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार कौन हैं?वैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार श्वेत से लेकर नकुलीश तक अट्ठाईस योगाचार्यावतार बताए गए हैं।#वैवस्वत मन्वन्तर#महेश्वर#योगावतार
मनुचौदह मनुओं के रंग कौन-कौन से बताए गए हैं?मनुओं के रंग श्वेत, पाण्डु, रक्त, ताम्र, पीत, कापिल, कृष्ण, श्याम, धूम्र, सुधूम्र, अपिशंग, पिशंग, त्रिवर्ण शबल और कालन्धुर बताए गए हैं।#मनुओं के रंग#श्वेत#कृष्ण
लक्ष्मी उपासनालक्ष्मी जी को सफेद मिठाई क्यों प्रिय हैलक्ष्मी + सफेद: (1) श्वेत रूप — श्वेत वस्त्र, कमल, हाथी। (2) क्षीरसागर (दूध का समुद्र) से प्रकट। (3) दूध = समृद्धि प्रतीक। प्रिय: खीर, रसगुल्ला, पेड़ा, बर्फी, मिश्री, पंचामृत। लोक परम्परा — श्रद्धा से कोई भी सात्विक मिठाई मान्य।#लक्ष्मी#सफेद मिठाई#खीर
शिव पूजाशिव पूजा के दौरान कौन सा रंग पहनना चाहिए?शिव पूजा वस्त्र: श्वेत — सर्वश्रेष्ठ (शिव पुराण: 'श्वेतवस्त्रो भवेद्' + कर्पूरगौर स्वरूप)। भगवा — शैव परंपरा, तपस्या का प्रतीक। हल्का पीला — स्वीकार्य। वर्जित: लाल, काला (सात्विक पूजा में)। सूती कपड़ा सर्वोत्तम।#शिव पूजा#वस्त्र#रंग