विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी जी को श्वेत (सफेद) मिठाई प्रिय मानने की परम्परा का सम्बन्ध उनके स्वरूप और प्रतीकों से है।
कारण
1श्वेत वर्ण
लक्ष्मी जी का एक प्रमुख रूप श्वेत वर्ण है — श्वेत वस्त्र, श्वेत कमल, श्वेत हाथी। श्वेत = शुद्धता, सात्विकता, पवित्रता।
2क्षीरसागर
लक्ष्मी समुद्र मंथन से क्षीरसागर (दूध के समुद्र) से प्रकट हुईं। दूध = श्वेत। अतः दूध से बनी श्वेत मिठाइयाँ विशेष प्रिय।
3दूध का सम्बन्ध
दूध = समृद्धि, पोषण, सम्पन्नता का प्रतीक। गाय = लक्ष्मी का एक रूप (धनदायिनी)।
प्रिय श्वेत मिठाइयाँ
- ▸खीर (सर्वप्रिय)
- ▸रसगुल्ला
- ▸संदेश (बंगाल)
- ▸पेड़ा (श्वेत)
- ▸बर्फी
- ▸मिश्री
- ▸दूध पेड़ा
- ▸श्रीखण्ड
अन्य प्रिय भोग
पंचामृत (दूध+दही+घी+शहद+शक्कर), श्वेत पुष्प (कमल, चमेली), चावल।
ध्यान दें: यह लोक परम्परा है। देवी सर्वव्यापी हैं — श्रद्धा से अर्पित कोई भी सात्विक मिठाई स्वीकार करती हैं।





