विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी जी = धन, समृद्धि, स्वच्छता और सद्भाव की देवी। उनकी प्रसन्नता हेतु घर में ये बदलाव करें:
1स्वच्छता (सर्वप्रमुख)
- ▸घर सदैव स्वच्छ और व्यवस्थित रखें — लक्ष्मी अस्वच्छ स्थान पर नहीं रहतीं।
- ▸प्रवेश द्वार विशेष स्वच्छ — पहला प्रभाव।
- ▸कूड़ा-कर्कट, टूटी-फूटी वस्तुएँ हटाएँ।
- ▸बन्द/रुकी हुई नालियाँ साफ रखें।
2प्रकाश
- ▸घर में पर्याप्त प्रकाश — अँधेरा = अलक्ष्मी (दरिद्रता)।
- ▸सन्ध्याकाल में दीपक अवश्य जलाएँ — तुलसी के पास, प्रवेश द्वार पर।
- ▸बन्द पड़े बल्ब/ट्यूबलाइट बदलें।
3तुलसी का पौधा
- ▸घर के आँगन/बालकनी में तुलसी अवश्य — लक्ष्मी का निवास।
- ▸प्रतिदिन तुलसी पूजा।
4प्रवेश द्वार
- ▸तोरण/बन्दनवार (आम/अशोक पत्ते) लगाएँ।
- ▸स्वस्तिक/शुभ लाभ/ॐ लगाएँ।
- ▸दरवाजा चरमराए नहीं — तेल लगाएँ।
5पूजा स्थल
- ▸नियमित पूजा, धूप-दीप।
- ▸लक्ष्मी-गणेश की युगल प्रतिमा/चित्र।
- ▸श्री यंत्र स्थापना (सम्भव हो तो)।
6रसोई
- ▸अन्न बर्बाद न करें — अन्नपूर्णा = लक्ष्मी रूप।
- ▸नमक/आटा/चावल का पात्र कभी खाली न हो।
7आचरण
- ▸घर में कलह/क्रोध न करें — अशान्त घर से लक्ष्मी जाती हैं।
- ▸अतिथि सत्कार।
- ▸स्त्रियों का सम्मान — 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' (मनुस्मृति)।
- ▸शुक्रवार लक्ष्मी पूजा नियमित।





