जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को कितनी बार पुनर्जीवित किया जाता है?संजीवन नरक में मारकर बार-बार पुनर्जीवित किया जाता है — निश्चित संख्या नहीं। 'बिना भोगे कर्म समाप्त नहीं होता' — जब तक पापों का दंड पूरा न हो, यह चक्र चलता रहता है।#नरक#पुनर्जीवित#संजीवन नरक
जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को पुनः जीवित क्यों किया जाता है?संजीवन नरक में जीव को पुनः जीवित इसलिए किया जाता है ताकि शेष पापों का दंड भोगा जा सके। 'बिना भोगे कर्म समाप्त नहीं होता' — यही इसका कारण है। यातना-देह यमराज की शक्ति से बार-बार निर्मित होती है।
जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को बार-बार कष्ट क्यों मिलता है?नरक में बार-बार कष्ट इसलिए मिलता है क्योंकि जीवन के हर पाप का अलग दंड है, संजीवन नरक में मारकर पुनः जीवित किया जाता है, यातना-देह पुनः बन जाती है और 'बिना भोगे कर्म समाप्त नहीं होता।'#नरक#बार-बार#कर्मफल