चक्र शोधन और कुंडलिनी जागरणसहस्रार चक्र का बीज मंत्र क्या है?सहस्रार चक्र का बीज मंत्र 'ॐ' या मौन है — यह मस्तिष्क के शिखर पर स्थित, परमतत्त्व से संबद्ध है। साधना से समाधि, ब्रह्म-ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति होती है।#सहस्रार चक्र#ॐ या मौन#समाधि
आध्यात्म एवं तंत्रचोटी सहस्रार चक्र से कैसे संबंधित हैचोटी ठीक सहस्रार चक्र के ऊपर रखी जाती है — यही कारण है कि इसका आकार गाय के खुर के बराबर रखने का विधान है। शिखा सुषुम्ना नाड़ी के शीर्ष की रक्षा करती है और सहस्रार चक्र को जागृत रखने में सहायक मानी जाती है।
कुंडलिनी योगसहस्रार चक्र जागृत होने पर अमृत की अनुभूति कैसी होती है?सहस्रार: (1) तालु शीतल-मधुर रस (अमृत धारा — सूक्ष्म) (2) परमानन्द (शब्दातीत) (3) शिव-शक्ति ऐक्य (4) तीव्र श्वेत/स्वर्णिम प्रकाश (5) समाधि (6) मस्तक फव्वारा/चींटियाँ। अत्यन्त दुर्लभ — अधिकांश दावे अतिशयोक्ति।#सहस्रार चक्र#अमृत#समाधि