निष्कर्षप्रतिष्ठित शिवलिंग की नित्य पूजा क्यों जरूरी है?प्रतिष्ठित शिवलिंग की नित्य पूजा इसलिए जरूरी है क्योंकि अब वे मात्र प्रतीक नहीं बल्कि साक्षात् शिव के जीवंत स्वरूप हैं — यह साधक का परम कर्तव्य है।#नित्य पूजा#साक्षात् शिव#जीवंत स्वरूप
प्राणों का आवाहनप्राण प्रतिष्ठा के बाद शिवलिंग क्या बन जाता है?प्राण प्रतिष्ठा के बाद पाषाण-लिंग साधारण पत्थर नहीं रहता — वह साक्षात् शिव का जाग्रत और जीवंत विग्रह बनकर चेतना, ऊर्जा और कृपा का जीवंत केंद्र बन जाता है।
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग१ मुखी रुद्राक्ष का स्वरूप और देवता कौन हैं?१ मुखी रुद्राक्ष साक्षात् शिव और परम-तत्त्व का स्वरूप है, जिसका संबद्ध ग्रह सूर्य है।#1 मुखी#साक्षात् शिव#परतत्त्व