ध्यान अनुभवध्यान में अचानक भावनाओं का उमड़ना क्या सामान्य है?पूर्णतः सामान्य+शुभ। दबी भावनाएं release (healing), अनाहत, कुंडलिनी, भक्ति प्रेमाश्रु। रोकें नहीं→बहने दें→हल्कापन।: 'ऊर्जा→अनुभव=सामान्य।'#भावनाएं#उमड़ना#सामान्य
तंत्र ज्ञानतंत्र में सामान्य पूजा और विशेष पूजा में क्या भेद है?सामान्य: नित्य, 15-30 मिनट, सरल, 108, भक्ति। विशेष: अवसर/कामना, घंटों, षोडशोपचार, सवा लाख+हवन, सिद्धि। उदाहरण: प्रतिदिन शिव vs महाशिवरात्रि।#सामान्य#विशेष
ध्यान अनुभवध्यान में सांस रुक जैसी लगती है — क्या सामान्य है?केवली कुंभक (पतंजलि 2.51) = सर्वोच्च प्राणायाम। मन शून्य→श्वास↓, सुषुम्ना सक्रिय, समाधि निकट। वास्तव में रुकती नहीं (सूक्ष्म)। जबरदस्ती≠केवली (खतरनाक)। शुभ!#सांस#रुकना#सामान्य