मंदिर ज्ञानमंदिर में देवता के अलग-अलग दर्शन (सुबह/दोपहर/शाम) का क्या अर्थ है?मंगला(जागरण), श्रृंगार(राजा), ग्वाल(कृष्ण), राजभोग(भोजन), उत्थापन(विश्राम बाद), संध्या(दरबार), शयन(अंतिम)। भगवान=जीवित=24घंटे सेवा। नाथद्वारा=8 झांकी।#दर्शन#सुबह#दोपहर
दैनिक आचारप्रातः काल उठकर सबसे पहले कौन सा मंत्र बोलेंकरदर्शन: 'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।' फिर भूमि स्पर्श: 'समुद्रवसने देवि... पादस्पर्शं क्षमस्व मे।' क्रम: करदर्शन → भूमि प्रार्थना → शौच → स्नान।
ध्यान साधनाध्यान का सही समय — सुबह है या शाम?ब्रह्ममुहूर्त (4-6AM) = सर्वोत्तम। संध्या = शक्तिशाली। दोनों = ideal। 1 चुनें = प्रातः। 'जब करें=वही best!' नियमित = सबसे बड़ा factor।#सही समय#सुबह#शाम