तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासनासूर्य का बीज मंत्र और गायत्री मंत्र क्या है?सूर्य बीज मंत्र: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' | सूर्य गायत्री: 'ॐ भास्कराय विद्महे, दिवाकराय धीमहि, तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्'#सूर्य बीज मंत्र#सूर्य गायत्री#भास्कराय
पूजन विधानरथ सप्तमी के दिन कौन से मंत्र या पाठ करने चाहिए?इस दिन सूरज निकलते समय विजय दिलाने वाले 'आदित्य-हृदय स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए। साथ ही 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'सूर्य गायत्री मंत्र' का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ होता है।
ग्रह मंत्रसूर्य गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?गायत्री मंत्र = मूलतः सूर्य (सवितृ) मंत्र ही। विशिष्ट: 'ॐ आदित्याय विद्महे...' सूर्योदय, सूर्य मुख, अर्घ्य सहित, 108 बार, रविवार। उद्देश्य: सूर्य शांति, नेत्र/हृदय, आत्मविश्वास, पदोन्नति।#सूर्य गायत्री#सूर्य#ग्रह