विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय के समय 'आदित्य-हृदय स्तोत्र' (जिसे महर्षि अगस्त्य ने भगवान राम को रावण-वध से पूर्व सुनाया था), 'सूर्य सहस्रनाम' या 'सूर्याष्टक' का पाठ करना परम कल्याणकारी और अमोघ विजय दिलाने वाला माना जाता है। इसके अतिरिक्त सूर्य गायत्री मंत्र (ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि...) और सूर्य बीज मंत्र (ॐ घृणि सूर्याय नमः) का 108 बार जाप करने से तेज और प्रज्ञा की वृद्धि होती है।
