विस्तृत उत्तर
अनंत सूत्र को समर्पित और धारण करते समय यह मंत्र अनिवार्य रूप से बोला जाता है: 'अनन्तसंसारमहासमुद्रे मग्नान् समभ्युद्धर वासुदेव। अनन्तरूपे विनियोजितात्मामाह्यनन्तरूपाय नमोनमस्ते।।' इसका अर्थ है कि हे वासुदेव, मैं इस संसार रूपी सागर में डूबा हूँ, आप अपने अनंत स्वरूप से मेरा उद्धार करें।





