ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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पूजा विधि📜 धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश — पूजा संवाद1 मिनट पठन

पूजा के दौरान क्या बोलना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा में बोलें: 'ॐ' से आरंभ, संकल्प ('पूजां करिष्ये'), आवाहन ('आगच्छ आगच्छ'), प्रत्येक उपचार पर 'इदं [उपचार] समर्पयामि', मंत्र जप, प्रार्थना, क्षमा ('अपराधसहस्राणि...')। संस्कृत न आए तो हिंदी में बोलें — भाव भाषा से अधिक महत्वपूर्ण।

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विस्तृत उत्तर

पूजा में क्या बोलें — इसका विधान धर्म सिंधु और नित्यकर्म पूजा प्रकाश में है:

पूजा में बोलने का क्रम

1आरंभ में

'ॐ' — पूजा का शुभारंभ

2संकल्प

> 'ॐ विष्णुः विष्णुः विष्णुः। अद्य [तिथि, वार, मास] ... श्री [देवता नाम] प्रीत्यर्थं पूजां करिष्ये।'

3आवाहन

> 'ॐ [देव नाम] आगच्छ, आगच्छ, स्वागतम्'

4प्रत्येक उपचार पर

> 'ॐ [देव नाम] इदं [उपचार] समर्पयामि'

उदाहरण: 'ॐ नमः शिवाय इदं पुष्पं समर्पयामि'

5मंत्र जप

इष्ट मंत्र — 108 बार

6प्रार्थना

हे भगवान, मेरी रक्षा करें, मेरे परिवार की रक्षा करें, मुझे सद्बुद्धि दें।

7क्षमा प्रार्थना

> 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

> दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।।'

8आरती में

आरती गीत

यदि संस्कृत न आए

हिंदी में भी प्रार्थना पूरी तरह स्वीकार्य है। भाव और श्रद्धा भाषा से अधिक महत्वपूर्ण है।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश — पूजा संवाद
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