विस्तृत उत्तर
पूजा में क्या बोलें — इसका विधान धर्म सिंधु और नित्यकर्म पूजा प्रकाश में है:
पूजा में बोलने का क्रम
1आरंभ में
'ॐ' — पूजा का शुभारंभ
2संकल्प
> 'ॐ विष्णुः विष्णुः विष्णुः। अद्य [तिथि, वार, मास] ... श्री [देवता नाम] प्रीत्यर्थं पूजां करिष्ये।'
3आवाहन
> 'ॐ [देव नाम] आगच्छ, आगच्छ, स्वागतम्'
4प्रत्येक उपचार पर
> 'ॐ [देव नाम] इदं [उपचार] समर्पयामि'
उदाहरण: 'ॐ नमः शिवाय इदं पुष्पं समर्पयामि'
5मंत्र जप
इष्ट मंत्र — 108 बार
6प्रार्थना
हे भगवान, मेरी रक्षा करें, मेरे परिवार की रक्षा करें, मुझे सद्बुद्धि दें।
7क्षमा प्रार्थना
> 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।
> दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।।'
8आरती में
आरती गीत
यदि संस्कृत न आए
हिंदी में भी प्रार्थना पूरी तरह स्वीकार्य है। भाव और श्रद्धा भाषा से अधिक महत्वपूर्ण है।





