हरतालिका तीज और उपासनाहरतालिका तीज की पूजा विधि क्या है?हरतालिका तीज पूजा विधि: गौरी-शंकर संयुक्त पूजा, अष्ट प्रहर पूजा, सोलह श्रृंगार, अपामार्ग-धतूरा-बेलपत्र-चम्पक-शमी पत्र से विभिन्न नामों का उच्चारण। फल: पार्वती के समान अचल सुहाग और मनोवांछित फल।#हरतालिका पूजा विधि#गौरी शंकर#सोलह श्रृंगार
महिला एवं धर्म16 श्रृंगार कौन से आध्यात्मिक अर्थ16 श्रृंगार = 16 ऊर्जा बिंदु। बिंदी=आज्ञा, सिंदूर=सहस्रार, नथ=प्राण, हार=अनाहत, चूड़ी=नाड़ी, बिछिया=प्रजनन, पायल=रक्त। सौंदर्य+स्वास्थ्य+आध्यात्मिकता।#सोलह श्रृंगार
महिला एवं धर्मसोलह श्रृंगार का आध्यात्मिक अर्थ16 श्रृंगार=16 ऊर्जा बिंदु। बिंदी=आज्ञा चक्र, चूड़ी=नाड़ी, बिछिया=प्रजनन। सौंदर्य+स्वास्थ्य+आध्यात्मिकता।#सोलह श्रृंगार#आध्यात्मिक
देवी पूजादेवी का श्रृंगार किन नियमों के अनुसार करना चाहिए?देवी श्रृंगार = षोडशोपचार अंग। नई शुद्ध सामग्री, शुद्ध हाथ, मंत्र सहित। दुर्गा/काली = लाल प्रधान। सरस्वती = श्वेत/पीला। सिंदूर, कुमकुम, बिंदी, चुनरी, पुष्प माला। भक्तिभाव से। नवरात्रि: पूर्ण सोलह श्रृंगार। शुक्रवार विशेष।#श्रृंगार#सोलह श्रृंगार#देवी पूजा