स्नान विधिमकर संक्रांति पर स्नान के समय कौन सा मंत्र पढ़ें?स्नान मंत्र: 'मकरस्थे रवौ माघे गोविन्दाच्युत! माधव! स्नानेनानेन मे देव! यथोक्तफलदो भव॥' अर्थ: हे गोविंद-अच्युत-माधव! माघ में मकर सूर्य के समय इस स्नान से मुझे शास्त्रोक्त फल दें। यह साधक की शरणागति का प्रतीक।#स्नान मंत्र#मकरस्थे रवौ माघे#गोविंद अच्युत माधव
व्रत-पूर्व तैयारीवसंत पंचमी पर स्नान के समय कौन सा मंत्र पढ़ते हैं?स्नान मंत्र: 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥' — घर के जल में सात पवित्र नदियों का आवाहन। स्नान के बाद पीले या श्वेत रेशमी वस्त्र पहनें।
दक्षिणामूर्ति साधनाशिव जी का स्नान मंत्र क्या है?स्नान (स्नपनम्) के समय मूल मंत्र का 15 बार जप करना चाहिए।#स्नान मंत्र#स्नपनम्#पंचामृत
पूजा विधि एवं कर्मकांडस्नान का मंत्र क्या है?स्नान का मुख्य मंत्र है — 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥' जिससे सातों पवित्र नदियों का जल में आह्वान होता है और साधारण जल भी तीर्थ-तुल्य हो जाता है। यजुर्वेद का 'ॐ आपो हि ष्ठा मयो भुवः' मंत्र भी जल की शक्ति का वैदिक स्तवन है।#स्नान मंत्र#नित्य क्रिया मंत्र#प्रातःकाल मंत्र