विस्तृत उत्तर
स्नान करते समय अथवा जल में प्रवेश करते समय निम्नलिखित श्लोक का उच्चारण अत्यंत फलदायी माना गया है:
मकरस्थे रवौ माघे गोविन्दाच्युत! माधव! । स्नानेनानेन मे देव! यथोक्तफलदो भव ॥
अर्थ: हे गोविंद, हे अच्युत, हे माधव! माघ मास में सूर्य के मकर राशि में स्थित होने पर मेरे द्वारा किए जा रहे इस पवित्र स्नान के माध्यम से, हे देव! मुझे शास्त्रों में वर्णित वह यथोक्त फल (पुण्य) प्रदान करें।
यह मन्त्र साधक की पूर्ण शरणागति और निष्काम भाव को प्रदर्शित करता है।
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