जीवन एवं मृत्युप्रेत को कौन याद करता है?प्रेत को याद करते हैं — प्रेम करने वाले परिजन, पुत्र (श्राद्ध-कर्म से), पितृपक्ष में समस्त परिवार, करुणावान सज्जन जैसे राजा बभ्रुवाहन और स्वयं भगवान विष्णु।#प्रेत#स्मरण#परिजन
भक्ति एवं आध्यात्मश्रवण कीर्तन स्मरण पादसेवन अर्चन वंदन दास्य सख्य आत्मनिवेदननवधा भक्ति के नौ अंग — श्रवण (कथा सुनना), कीर्तन (गान), स्मरण (स्मरण), पादसेवन (चरण-सेवा), अर्चन (पूजा), वंदन (नमस्कार), दास्य (सेवक-भाव), सख्य (मित्र-भाव), आत्मनिवेदन (पूर्ण समर्पण)। एक भी पूर्ण हो तो मोक्ष मिले।#नवधा भक्ति
स्तोत्र एवं पाठमेधा सूक्त से बुद्धि स्मरण शक्ति कैसे बढ़तीवैदिक मंत्र; मेधा (बुद्धि/स्मृति) देवी। 'मेधां मे वरुणो ददातु...' — ग्रहण+स्मरण शक्ति। विद्यार्थी/शोधकर्ता। ब्रह्म मुहूर्त। ~5-8 min। शुद्ध उच्चारण।#मेधा सूक्त#बुद्धि#स्मरण
व्यावहारिक सलाहपूजा में मंत्र कैसे याद रखें?मंत्र याद करने के उपाय: पहले सुनें (YouTube — शुद्ध उच्चारण), प्रतिदिन 108 बार जपें, 108 बार लिखें, अर्थ समझें। सरल मंत्र से शुरू करें। याद न हो तो पुस्तक देखकर पढ़ना पूर्ण मान्य है। भाव मंत्र से अधिक महत्वपूर्ण।#मंत्र याद#स्मरण#टिप्स
मंत्र जप विज्ञानमंत्र जप से एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है क्या?हां। Prefrontal cortex↑ (एकाग्रता), Hippocampus↑ (स्मरण), mind-wandering↓। शास्त्र: 'ॐ'=आज्ञा चक्र, गायत्री='धीमहि'। विद्यार्थी: 108 'ॐ'/गायत्री दैनिक → 3-6 मास अंतर।#एकाग्रता#स्मरण#शक्ति