लोकएकादशी को हरिवासर क्यों कहते हैं?क्योंकि यह श्रीहरि विष्णु की प्रिय तिथि है।#हरिवासर#एकादशी#विष्णु
लोकएकादशी श्राद्ध क्यों विशेष है?क्योंकि यह विष्णु-प्रिय तिथि और पितृ तिथि दोनों है।#एकादशी महत्व#हरिवासर#श्राद्ध
व्रत एवं उपवासएकादशी का व्रत कब तोड़ें?एकादशी व्रत द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद, हरिवासर काल समाप्त होने पर तोड़ना चाहिए। त्रयोदशी आने से पहले पारण अवश्य कर लें। पहले विष्णु पूजा करें, चरणामृत लें, फिर भोजन ग्रहण करें।#एकादशी पारण#व्रत तोड़ना#द्वादशी