श्रीमद्भागवतयुधिष्ठिर ने हिंसा के प्रायश्चित पर क्या कहा?युधिष्ठिर ने कहा कि जिन स्त्रियों के पति और भाई-बंधु मारे गए, उनके प्रति हुए अपराध को गृहस्थ यज्ञों से शुद्ध करना संभव नहीं।#युधिष्ठिर#हिंसा#प्रायश्चित
श्रीमद्भागवतधुंधुकारी के पाप क्या थे?धुंधुकारी चोरी, आग लगाना, बालकों को कुएँ में डालना, दीनों को सताना, कुसंग और माता-पिता को मारना जैसे पाप करता था।#धुंधुकारी#पाप#दुराचार
जीवन एवं मृत्युहिंसा करने वाले को कौन-सा नरक मिलता है?हिंसा करने वाले को — कुंभीपाक (खौलता तेल), क्रीमिक (कीट), सूलप्रोत (लोहे के शूल), लोहशंकु (लोहे की कीलें)। 'जो करोगे वही भोगोगे' — पुनर्जन्म में शिकार बनना।#हिंसा#कुंभिपाक#क्रीमिक
जीवन एवं मृत्युहिंसा करने वाले को क्या दंड मिलता है?हिंसा करने वाले को — कुंभीपाक नरक (खौलता तेल), क्रीमिक नरक (कीट), सूलप्रोत नरक (लोहे के शूल), तामिस्र नरक (पिटाई)। पुनर्जन्म में हिंसा का शिकार।#हिंसा#दंड#कुंभिपाक