शिव शाबर मंत्रशाबर मंत्रों के संदर्भ में 'अजपा जप' क्या है?बिना शब्द बोले, मन ही मन मंत्र के अर्थ और भावना के साथ एकाकार होना अजपा जप है।#अजपा जप#भाव ध्यान#जप नियम
शिव शाबर मंत्रशाबर साधना में प्राणायाम और ध्यान की क्या विधि है?मंत्र के अर्थ को मन में धारण करें और ऊर्जा संतुलन के लिए 1:8:4 के अनुपात में प्राणायाम करें।#प्राणायाम#ध्यान विधि#ऊर्जा संतुलन
जप नियमचलते-फिरते मंत्र जप करने के क्या नियम हैंचलते-फिरते केवल मानसिक जप करना चाहिए। यह निरंतर परमात्मा से जुड़े रहने का एक प्रभावी तरीका है।#नियम#अजपा जप#मानसिक जप
ध्यान अनुभवध्यान में अपने आप मंत्र का उच्चारण शुरू होने का क्या अर्थ हैस्वतः मंत्र = अजपा जप — ध्यान गहनता, मंत्र चैतन्य/सिद्धि निकट। अवचेतन संस्कार सक्रिय। नाद योग: ब्रह्माण्डीय ध्वनि। रोकें नहीं, साक्षी भाव, गोपनीय, गुरु को बताएँ।#ध्यान#अजपा जप#मंत्र
दर्शनसोहम का अर्थ क्या है आध्यात्मिक रूप से?सोऽहम् = 'वह (ब्रह्म) मैं हूँ।' अजपा मंत्र — हर श्वास में स्वतः गूंजता है (सो = श्वास अंदर, हम = बाहर)। अद्वैत अनुभव: आत्मा = ब्रह्म। उलटा = 'हंसः' — इसलिए ज्ञानी 'परमहंस'। ईशोपनिषद, हंसोपनिषद में वर्णित।#सोहम#अजपा जप#श्वास मंत्र