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क्या है

पितर क्या है?(11)

पितर का अर्थपितर क्या है?पितर का महत्व
सरल उत्तर

पितृलोक भुवर्लोक/चंद्रलोक में स्थित है (विष्णु पुराण)। गीता (9.25): पितृ-भक्त पितृलोक जाते हैं। गरुड़ पुराण अनुसार कर्मों के आधार पर प्राप्त होता है। श्राद्ध-तर्पण से पितरों को तृप्ति मिलती है। दक्षिण दिशा पितरों की।

स्रोत प्रश्न: पितृ लोक क्या है और पितर वहाँ कैसे रहते हैं? →
लोक वर्णन

पितृ लोक क्या है और पितर वहाँ कैसे रहते हैं?

पितृलोक भुवर्लोक/चंद्रलोक में स्थित है (विष्णु पुराण)। गीता (9.25): पितृ-भक्त पितृलोक जाते हैं। गरुड़ पुराण अनुसार कर्मों के आधार पर प्राप्त होता है। श्राद्ध-तर्पण से पितरों को तृप्ति मिलती है। दक्षिण दिशा पितरों की।

#पितृ लोक#पितर#श्राद्ध
लोक

श्राद्ध में वसु रुद्र आदित्य का काम क्या है?

वे श्राद्ध द्रव्य पितरों तक पहुँचाते हैं।

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लोक

श्राद्ध न करने से क्या होता है?

पितर अतृप्त रह सकते हैं।

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लोक

अष्टमी श्राद्ध में तिल न हों तो क्या होता है?

तिल के बिना श्राद्ध अपूर्ण माना गया है।

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लोक

सप्त पितृगण कौन हैं?

बर्हिषद, अग्निष्वात्त, क्रव्याद, आज्यप, सुकलिन, उपहूत और साध्य सप्त पितृगण हैं।

#सप्त पितृगण#गरुड़ पुराण#पितर
लोक

पितृलोक क्या है?

पितरों का पारलौकिक लोक पितृलोक है।

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लोक

पितृलोक क्या है?

पितरों का पारलौकिक लोक पितृलोक कहलाता है।

#पितृलोक#पितर#श्राद्ध
लोक

वृद्धिश्राद्ध क्या है?

वृद्धिश्राद्ध मांगलिक कार्यों के समय किया जाने वाला नान्दीमुख श्राद्ध है।

#वृद्धिश्राद्ध#आभ्युदयिक श्राद्ध#नान्दीमुख
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

सपिण्डीकरण क्या होता है?

सपिण्डीकरण वह अनुष्ठान है जिसमें प्रेत का पिण्ड पूर्वजों के पिण्डों में मिलाया जाता है और प्रेतत्व समाप्त होता है।

#सपिण्डीकरण#प्रेतत्व#पितर
जीवन एवं मृत्यु

सपिंडीकरण क्या है?

सपिंडीकरण = मृत्यु के एक वर्ष बाद किया जाने वाला वह श्राद्ध जिसमें 'प्रेत' के पिंड को तीन पितरों के पिंड में मिलाकर उसे 'पितर' की श्रेणी में सम्मिलित किया जाता है। यह प्रेतत्व से मुक्ति का अंतिम और निर्णायक संस्कार है।

#सपिंडीकरण#पितर#वार्षिक श्राद्ध
जीवन एवं मृत्यु

श्राद्ध क्या है?

श्राद्ध = 'श्रद्धापूर्वक' किया जाने वाला कर्म। उचित काल-स्थान पर पितरों के नाम ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक अर्पित वस्तु श्राद्ध है। गरुड़ पुराण में इसे प्रेत-पितर मुक्ति का सर्वोत्तम साधन बताया गया है।

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